सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
किशनगंज के पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी गौतम कुमार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई के बाद आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जांच एजेंसी ने उनके किशनगंज, पूर्णिया, पटना तथा अन्य स्थानों पर स्थित कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया, जिसमें बड़ी मात्रा में संपत्ति, आभूषण और निवेश से जुड़े दस्तावेज सामने आए हैं।
जांच के दौरान प्रारंभिक तौर पर यह पाया गया कि गौतम कुमार ने अपनी वैध आय की तुलना में काफी अधिक संपत्ति अर्जित की है। अधिकारियों के अनुसार अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर उनकी घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति होने के संकेत मिले हैं, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।
पूर्णिया स्थित आवास से चार मंजिला भव्य मकान के कागजात मिले हैं। लगभग तीन हजार छह सौ वर्गफुट क्षेत्र में बने इस भवन की अनुमानित कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा कई भूखंडों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिनमें अलग-अलग नामों पर दर्ज संपत्तियों की जानकारी शामिल है। जांच एजेंसी इन्हें बेनामी निवेश के रूप में परख रही है।
तलाशी के दौरान सोने और चांदी के आभूषण भी बड़ी मात्रा में मिले हैं। अधिकारियों के अनुसार करीब छह सौ ग्राम सोने के आभूषण और चांदी के जेवर बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही कई महंगी गाड़ियां, कीमती घड़ियां और निवेश से जुड़े कागजात भी जब्त किए गए हैं।
जांच के दायरे में उनके परिवार से जुड़े कुछ लोग भी आए हैं। आर्थिक अपराध इकाई ने वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों और संपत्ति खरीद के स्रोतों की अलग से जांच शुरू की है। कुछ संपत्तियों के दस्तावेज अन्य व्यक्तियों के नाम पर मिलने के बाद एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।
पटना से नर्सिंग होम से संबंधित योजना के दस्तावेज भी मिले हैं। वहीं बिहार के बाहर निवेश की संभावनाओं को लेकर भी जांच चल रही है। सिलीगुड़ी, नोएडा, गुरुग्राम और अन्य शहरों में संपत्ति होने की सूचनाओं का सत्यापन किया जा रहा है।
किशनगंज स्थित सरकारी आवास से नकद राशि और कई महत्वपूर्ण अभिलेख बरामद हुए हैं। आर्थिक अपराध इकाई ने संपूर्ण रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेज दी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।
गौतम कुमार पुलिस सेवा में लंबे समय से कार्यरत हैं और वर्षों की सेवा के बाद उच्च पद तक पहुंचे थे। अब उनके खिलाफ चल रही जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
