राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
बिहार में कांग्रेस के भीतर चल रही अंतर्कलह अब सड़कों पर आने लगी है। कांग्रेस पार्टी के खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव और पूर्व युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नागेंद्र पासवान विकल के किशनगंज पहुंचने पर जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। यहां कालू चौक स्थित सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व विधायक ने पार्टी के वर्तमान प्रदेश नेतृत्व पर तीखे प्रहार किए और संगठन की बदहाली के लिए सीधे तौर पर शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को जिम्मेदार ठहराया।
किशनगंज शहर के कालू चौक स्थित सर्किट हाउस पहुंचने पर प्रदेश महासचिव शंभू यादव ने खगड़िया के पूर्व विधायक छत्रपति यादव और नागेंद्र पासवान विकल को शॉल ओढ़ाकर भव्य स्वागत किया। इसके बाद प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए छत्रपति यादव ने कहा कि राहुल गांधी के अथक प्रयासों के बावजूद आज बिहार कांग्रेस अपने इतिहास के सबसे निचले पायदान पर खड़ी है। विडंबना यह है कि जो लोग इस पतन के लिए जिम्मेदार हैं, वही आज बिहार कांग्रेस के सिरमौर बने हुए हैं। समर्पित कार्यकर्ताओं को हाशिए पर धकेल दिया गया है।
पूर्व विधायक ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान हुई गड़बड़ियां किसी से छिपी नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आलाकमान तक शिकायतें पहुंचाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे सच्चे कांग्रेसियों में उपेक्षा और अस्थिरता का भाव है।
आगे उन्होंने कहा कि पार्टी को बचाने और समर्पित कार्यकर्ताओं को एकजुट करने के लिए नेताओं ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। आगामी 17 मार्च 2026 को पटना में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस महासम्मेलन की सफलता के लिए 07 फरवरी 2026 से ही जिलों में जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का नेतृत्व छत्रपति यादव के साथ एआईसीसी सदस्य नागेंद्र पासवान विकल और राज्य के अन्य वरिष्ठ नेता कर रहे हैं।
पूर्व विधायक ने अंत में जिले के कार्यकर्ताओं और आम जनता से इस ‘शुद्धिकरण अभियान’ में पूर्ण सहयोग की अपेक्षा जताई। अब देखना यह होगा कि पटना का यह महासम्मेलन बिहार कांग्रेस की राजनीति में क्या नया मोड़ लेकर आता है।
