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गृह प्रसव मुक्त पंचायत : सुरक्षित मातृत्व की मजबूत नींव और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता।

राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने की दिशा में गृह प्रसव मुक्त पंचायत की अवधारणा अब केवल एक स्वास्थ्य लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रतिबद्धता और सामाजिक परिवर्तन का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। जिला पदाधिकारी के स्पष्ट दिशा-निर्देश के आलोक में जिले भर में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित जांच एवं सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने हेतु व्यापक और सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में दिनांक 03 जनवरी 2026 को ठाकुरगंज सहित जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित कर विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की गई। बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि अब गृह प्रसव की किसी भी स्थिति को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

ठाकुरगंज में समन्वय समिति की बैठक, गृह प्रसव मुक्त पंचायत पर विशेष फोकस

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ठाकुरगंज के सभागार में आयोजित प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी ने की। बैठक में एएनएम, आशा फैसिलिटेटर एवं स्वास्थ्य कर्मियों के साथ सभी प्रमुख स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई, जिसमें गृह प्रसव मुक्त पंचायत को केंद्रीय विषय के रूप में रखा गया।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार प्रत्येक पंचायत में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान एवं निगरानी पर विशेष जोर

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अखलाकुर ने बताया कि बैठक में गर्भवती महिलाओं के अर्ली रजिस्ट्रेशन, नियमित सर्वेक्षण, उच्च जोखिम गर्भावस्था की पहचान तथा प्रसव पूर्व जांच को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि समय पर पंजीकरण और सतत फॉलो-अप के माध्यम से ही गृह प्रसव की संभावनाओं को पूर्ण रूप से समाप्त किया जा सकता है।

आशा एवं एएनएम को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्रत्येक गर्भवती महिला तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करें तथा परिवारों को संस्थागत प्रसव के लाभों के प्रति लगातार जागरूक करें।

स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समग्र समीक्षा

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में गृह प्रसव मुक्त पंचायत के साथ-साथ नॉन कम्युनिकेबल डिजीज (NCD) स्क्रीनिंग, टीबी मुक्त पंचायत अभियान एवं नियमित स्वास्थ्य सर्वेक्षण की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने कहा कि मातृ स्वास्थ्य के साथ-साथ समुदाय के समग्र स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार तभी संभव है, जब सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को समान गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर लागू किया जाए।

बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार, सहयोगी संस्था यूनिसेफ एवं डब्ल्यूएचओ के जिला प्रतिनिधि तथा बीएचएम सुनील कुमार की उपस्थिति से तकनीकी एवं कार्यक्रमात्मक पक्ष को और मजबूती मिली।

गृह प्रसव मुक्त पंचायत : प्रशासन की दृढ़ प्रतिबद्धता

इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जिला पदाधिकारी के दिशा-निर्देश में जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई है, ताकि गृह प्रसव मुक्त पंचायत के लक्ष्य की नियमित एवं प्रभावी समीक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भूमिका से ही सुरक्षित मातृत्व को सुनिश्चित किया जा सकता है।

सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है और किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि ठाकुरगंज सहित जिले के सभी प्रखंडों में एक साथ आयोजित यह बैठक इस बात का प्रमाण है कि गृह प्रसव मुक्त पंचायत को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूर्ण रूप से समन्वित एवं प्रतिबद्ध हैं।

यह पहल न केवल समीक्षा तक सीमित रही, बल्कि आने वाले समय में पंचायत स्तर पर सुरक्षित, सम्मानजनक एवं संस्थागत प्रसव को व्यवहार में उतारने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।

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