अवैध खनिज परिवहन मामले में ₹42.68 लाख से अधिक का जुर्माना
किशनगंज जिले के सीमावर्ती इलाकों में अवैध तस्करी, अवैध खनन तथा ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज एवं पुलिस अधीक्षक श्री सागर कुमार के निर्देश पर गलगलिया चेकपोस्ट सहित अन्य संवेदनशील मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत असम, नागालैंड और पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश करने वाले कोयला, बालू, गिट्टी व अन्य खनिज लदे वाहनों की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान जीएसटी बिल, माइनिंग चालान तथा ओवरलोडिंग से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में मवेशी, लकड़ी, कोयला, बालू, ब्राउन शुगर, स्मैक, गांजा सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की अवैध तस्करी की रोकथाम पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन को अररिया–गलगलिया एनएच-327ई, किशनगंज–दालकोला एनएच-327 और उत्तर दिनाजपुर से सटे इलाकों में अवैध परिवहन एवं तस्करी की संभावनाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से सघन जांच एवं कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 15 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक के लिए अधिकारियों की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त पदाधिकारी गलगलिया चेकपोस्ट पर मद्य निषेध पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित कर चौबीसों घंटे संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
इस अभियान के तहत 4 जनवरी 2026 की रात लगभग 8 बजे बहादुरगंज एलआरपी चौक के पास एनएच-327ई पर खनन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए पाँच हाइवा वाहनों को जब्त किया। जांच में पाया गया कि दो हाइवा बालू, दो हाइवा बोल्डर और एक हाइवा बेडमिसाली लेकर अवैध रूप से परिवहन कर रहे थे। सभी जब्त वाहनों को बहादुरगंज थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
खनन नियमों के उल्लंघन के मामले में संबंधित वाहन स्वामियों पर कुल ₹42,68,590/- का जुर्माना लगाया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और किसी भी प्रकार की तस्करी के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। आगे भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी, सघन जांच और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था एवं वैध व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सके।
सारस न्यूज़, किशनगंज।
अवैध खनिज परिवहन मामले में ₹42.68 लाख से अधिक का जुर्माना
किशनगंज जिले के सीमावर्ती इलाकों में अवैध तस्करी, अवैध खनन तथा ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज एवं पुलिस अधीक्षक श्री सागर कुमार के निर्देश पर गलगलिया चेकपोस्ट सहित अन्य संवेदनशील मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत असम, नागालैंड और पश्चिम बंगाल से बिहार में प्रवेश करने वाले कोयला, बालू, गिट्टी व अन्य खनिज लदे वाहनों की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान जीएसटी बिल, माइनिंग चालान तथा ओवरलोडिंग से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। साथ ही सीमावर्ती क्षेत्रों में मवेशी, लकड़ी, कोयला, बालू, ब्राउन शुगर, स्मैक, गांजा सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं की अवैध तस्करी की रोकथाम पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन को अररिया–गलगलिया एनएच-327ई, किशनगंज–दालकोला एनएच-327 और उत्तर दिनाजपुर से सटे इलाकों में अवैध परिवहन एवं तस्करी की संभावनाओं को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से सघन जांच एवं कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 15 दिसंबर 2025 से 14 जनवरी 2026 तक के लिए अधिकारियों की विशेष प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रतिनियुक्त पदाधिकारी गलगलिया चेकपोस्ट पर मद्य निषेध पुलिस बल के साथ समन्वय स्थापित कर चौबीसों घंटे संदिग्ध वाहनों की जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
इस अभियान के तहत 4 जनवरी 2026 की रात लगभग 8 बजे बहादुरगंज एलआरपी चौक के पास एनएच-327ई पर खनन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए पाँच हाइवा वाहनों को जब्त किया। जांच में पाया गया कि दो हाइवा बालू, दो हाइवा बोल्डर और एक हाइवा बेडमिसाली लेकर अवैध रूप से परिवहन कर रहे थे। सभी जब्त वाहनों को बहादुरगंज थाना परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
खनन नियमों के उल्लंघन के मामले में संबंधित वाहन स्वामियों पर कुल ₹42,68,590/- का जुर्माना लगाया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन, ओवरलोडिंग और किसी भी प्रकार की तस्करी के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई गई है। आगे भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी, सघन जांच और कठोर कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि जिले में कानून-व्यवस्था एवं वैध व्यापारिक गतिविधियों को सुरक्षित रखा जा सके।