सारस न्यूज़, किशनगंज।
किशनगंज जिले के सभी सातों प्रखंडों में जीविका के माध्यम से नई चेतना अभियान 4.0 को व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। इस अभियान के जरिए जीविका से जुड़ी महिलाएं समाज में लैंगिक समानता, महिला अधिकार और हिंसा रोकथाम को लेकर लगातार जन-जागरूकता फैला रही हैं।

अभियान के अंतर्गत जीविका दीदियाँ अपने-अपने गांवों और टोलों में प्रभात फेरी, जागरूकता रैली, कैंडल मार्च, शपथ सभा और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संवेदनशील बना रही हैं। घरेलू हिंसा, बाल विवाह, लिंग भेद, भ्रूण हत्या और मद्य निषेध जैसे सामाजिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा की जा रही है।
ग्रामीण स्तर पर रंगोली, सामूहिक बैठक और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, समान जिम्मेदारी, सुरक्षित आवागमन और कानूनी जानकारी साझा की जा रही है। खेल-खेल में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बैडमिंटन, क्रिकेट और लूडो जैसी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा रही हैं, ताकि लैंगिक समानता का संदेश सरल तरीके से समाज तक पहुंचे।

जीविका किशनगंज की जिला परियोजना प्रबंधक अनुराधा चंद्रा ने बताया कि यह अभियान महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने का कार्य कर रहा है। वहीं सामाजिक प्रबंधक गिरीश कुमार दास ने कहा कि अभियान के दौरान महिलाओं को कानूनी अधिकार, लैंगिक हिंसा से बचाव और सहायता सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
25 नवंबर से प्रारंभ हुआ यह विशेष अभियान 31 जनवरी तक चलेगा। जिले में लगभग 22 हजार स्वयं सहायता समूहों और 2 लाख 52 हजार से अधिक जीविका दीदियों की सहभागिता से यह जागरूकता अभियान लगातार गति पकड़ रहा है।

अभियान के दौरान डोर-टू-डोर कैंपेन, सामुदायिक बैठकें और जागरूकता रैलियों के माध्यम से महिला हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 181 की जानकारी भी आम लोगों तक पहुंचाई जा रही है, ताकि जरूरतमंद महिलाएं समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
नई चेतना अभियान के जरिए जीविका दीदियाँ न केवल महिलाओं की आवाज बन रही हैं, बल्कि समाज में समानता, सम्मान और सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव भी रख रही हैं।
