सारस न्यूज, किशनगंज।
जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति (नमामि गंगे), फॉरेस्ट टास्क फोर्स एवं सिंगल यूज़ प्लास्टिक टास्क फोर्स की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिले में संचालित सभी पैथोलॉजी एवं नर्सिंग होम के अवैध संचालन तथा बायो-मेडिकल वेस्ट के निष्पादन की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि किशनगंज शहर के चूड़ीपट्टी क्षेत्र में पूर्व में अवैध संचालन एवं बायो-मेडिकल कचरे के गलत निष्पादन के आधार पर 14 पैथोलॉजी एवं नर्सिंग होम को सील करते हुए अर्थदंड अधिरोपित किया गया है।
डीएम ने कहा कि जिले के सभी निजी अस्पतालों में बायो-मेडिकल कचरे के उचित निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। अस्पतालों से प्रतिदिन कचरा उठाव की स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए शहरी क्षेत्र के सभी निजी अस्पतालों की जांच कराई जाए तथा लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने जानकारी दी कि 15 जनवरी तक सभी पुराने डस्टबिन बदले जाएंगे तथा चिन्हित 40 स्थलों पर नए डस्टबिन लगाए जाएंगे। इस पर जिला पदाधिकारी ने सड़कों पर बालू, गिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्री रखने वालों पर अर्थदंड लगाने का निर्देश दिया। साथ ही आगामी सरस्वती पूजा के अवसर पर मूर्ति विसर्जन को नियमानुसार संपन्न कराने हेतु माइकिंग के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा।
जंगली जानवरों से फसल क्षति की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि दिघलबैंक एवं ठाकुरगंज क्षेत्रों में जंगली हाथियों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया गया है। इस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित किसानों को शीघ्र सहायता राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
