सारस न्यूज, किशनगंज।
किशनगंज जिले में हाथी–मानव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से किशनगंज वन प्रक्षेत्र द्वारा हाथी-प्रभावित पंचायतों में गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार की सही जानकारी देना और मानव व वन्यजीवों के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व को बढ़ावा देना है।
वन विभाग ने इस अभियान को वैज्ञानिक और व्यवहारिक दृष्टिकोण से प्रभावी बनाने के लिए बेंगलुरु से प्रख्यात हाथी विशेषज्ञ डॉ. रुद्रादित्य को आमंत्रित किया है। डॉ. रुद्रादित्य इससे पहले असम, नागालैंड, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों में मानव–हाथी संघर्ष से जुड़े जागरूकता कार्यक्रमों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
वन विभाग के अनुसार, हर वर्ष दिसंबर माह में मक्का की फसल पकने के साथ ही नेपाल की ओर से हाथियों का किशनगंज जिले में प्रवेश शुरू हो जाता है। इस दौरान फसल क्षति, संपत्ति नुकसान और कभी-कभी जन-धन हानि की आशंका भी बढ़ जाती है। ऐसे में यह जागरूकता अभियान समय की आवश्यकता बन गया है।
अभियान के तहत ग्रामीणों को हाथी से सामना होने की स्थिति में क्या करें और क्या न करें, अफवाहों से कैसे बचें, रात के समय सतर्कता बरतने, सामूहिक समन्वय बनाए रखने तथा हाथी की मौजूदगी की सूचना तुरंत वन विभाग को देने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जा रही है।
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि हाथियों को उकसाने, उनका पीछा करने या भीड़ इकट्ठा करने से बचें। संयम और धैर्य बनाए रखते हुए विभाग के साथ सहयोग करें, ताकि मानव–हाथी संघर्ष की घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
