–सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, दिघलबैंक के द्वारा हुआ आयोजन
राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि हमारे देश की आत्मा है। जब किसान सशक्त होता है तो गांव मजबूत होता है, और जब स्वयं सहायता समूह आगे बढ़ते हैं तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। ये बातें सीबीआई के क्षेत्रीय प्रमुख नीरज ज्योतिर्मय ने कही। अवसर था ऋण मेगा आउटरीच शिविर का।
उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया वर्षों से ग्रामीण भारत के विकास का मजबूत स्तंभ रहा है। इस मेगा आउटरीच कैंप के माध्यम से बैंक का उद्देश्य किसानों को समय पर और सरल कृषि ऋण उपलब्ध कराना, केसीसी, फसल ऋण और कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों को बढ़ावा देना, स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना तथा महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
समूह को दिया गया 10 करोड़ का लोन
कैंप में सेंट्रल बैंक द्वारा एक साथ 10 करोड़ रुपये का समूह ऋण प्रदान किया गया। जानकारी देते हुए बैंक अधिकारियों ने बताया कि जीविका दीदियों का इस योजना से जुड़ाव एसएचजी बैंक लिंकेज को मजबूत करेगा, छोटे-छोटे व्यवसायों को पंख देगा तथा महिलाओं को रोजगार और सम्मान दोनों प्रदान करेगा।
कई योजनाओं की दी गई जानकारी
कैंप के दौरान प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन ऋण, स्वरोजगार ऋण, शिक्षा ऋण तथा महिला उद्यमिता योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। बैंक अधिकारियों ने लाभुकों को सरल प्रक्रिया, कम ब्याज दर और समय पर पुनर्भुगतान के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शाखा प्रबंधक ने कहा कि बैंक का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख पूर्णिया नीरज ज्योतिर्मय, प्रखंड विकास पदाधिकारी दिघलबैंक बप्पी ऋषि, अंचल अधिकारी गरिमा गीतिका, मुख्य प्रबंधक जावेद आलम, वरीय प्रबंधक किशोर कुमार (दिघलबैंक) तथा बैंक के अन्य अधिकारी आभाष, शुभम, जिला परियोजना प्रबंधक (जीविका), दिघलबैंक सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
–सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, दिघलबैंक के द्वारा हुआ आयोजन
राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि हमारे देश की आत्मा है। जब किसान सशक्त होता है तो गांव मजबूत होता है, और जब स्वयं सहायता समूह आगे बढ़ते हैं तो पूरा समाज आगे बढ़ता है। ये बातें सीबीआई के क्षेत्रीय प्रमुख नीरज ज्योतिर्मय ने कही। अवसर था ऋण मेगा आउटरीच शिविर का।
उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया वर्षों से ग्रामीण भारत के विकास का मजबूत स्तंभ रहा है। इस मेगा आउटरीच कैंप के माध्यम से बैंक का उद्देश्य किसानों को समय पर और सरल कृषि ऋण उपलब्ध कराना, केसीसी, फसल ऋण और कृषि से जुड़े सहायक व्यवसायों को बढ़ावा देना, स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना तथा महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
समूह को दिया गया 10 करोड़ का लोन
कैंप में सेंट्रल बैंक द्वारा एक साथ 10 करोड़ रुपये का समूह ऋण प्रदान किया गया। जानकारी देते हुए बैंक अधिकारियों ने बताया कि जीविका दीदियों का इस योजना से जुड़ाव एसएचजी बैंक लिंकेज को मजबूत करेगा, छोटे-छोटे व्यवसायों को पंख देगा तथा महिलाओं को रोजगार और सम्मान दोनों प्रदान करेगा।
कई योजनाओं की दी गई जानकारी
कैंप के दौरान प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन ऋण, स्वरोजगार ऋण, शिक्षा ऋण तथा महिला उद्यमिता योजनाओं से संबंधित आवेदन लिए गए। बैंक अधिकारियों ने लाभुकों को सरल प्रक्रिया, कम ब्याज दर और समय पर पुनर्भुगतान के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
शाखा प्रबंधक ने कहा कि बैंक का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को वित्तीय सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रमुख पूर्णिया नीरज ज्योतिर्मय, प्रखंड विकास पदाधिकारी दिघलबैंक बप्पी ऋषि, अंचल अधिकारी गरिमा गीतिका, मुख्य प्रबंधक जावेद आलम, वरीय प्रबंधक किशोर कुमार (दिघलबैंक) तथा बैंक के अन्य अधिकारी आभाष, शुभम, जिला परियोजना प्रबंधक (जीविका), दिघलबैंक सहित अन्य लोग उपस्थित थे।