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माता बैठक के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ बचपन का संदेश।

पूर्ण टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीन, गृह प्रसव मुक्त पंचायत और परिवार नियोजन पर दिया गया विशेष मार्गदर्शन

राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में सतत प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में ठाकुरगंज प्रखंड के तवलीभीता गांव में आज आंगनबाड़ी केंद्र पर माता बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य माताओं को पूर्ण टीकाकरण, किशोरियों के लिए एचपीवी वैक्सीन, गृह प्रसव मुक्त पंचायत की अवधारणा तथा परिवार नियोजन के प्रति जागरूक करना रहा।

बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि स्वस्थ माँ ही स्वस्थ समाज की नींव होती है और इसके लिए समय पर टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव एवं संतुलित परिवार नियोजन अत्यंत आवश्यक है।

प्रथम 1000 दिन और स्तनपान पर विशेष जोर

माता बैठक के दौरान एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं ने माताओं को विस्तार से बताया कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दो वर्ष की आयु तक के पहले 1000 दिन बच्चे के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इस अवधि में उचित पोषण, समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच से कुपोषण व बीमारियों को रोका जा सकता है।

स्तनपान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना, छह माह तक केवल स्तनपान कराना तथा इसके बाद पूरक आहार देना बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। माताओं को यह भी समझाया गया कि स्तनपान न केवल शिशु के लिए, बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है।

पूर्ण टीकाकरण और किशोरियों के लिए एचपीवी वैक्सीन पर जागरूकता

बैठक में उपस्थित माताओं को यूनिसेफ बीएमसी एजाज अहमद द्वारा पूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम की जानकारी दी गई और बताया गया कि सभी निर्धारित टीके समय पर लगवाना बच्चों को गंभीर बीमारियों से सुरक्षित करता है। साथ ही किशोरियों के लिए एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर भी चर्चा की गई, जिससे भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव संभव है।

माताओं से आग्रह किया गया कि वे अपनी बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें और समय पर टीकाकरण सुनिश्चित करें।

गृह प्रसव मुक्त पंचायत और परिवार नियोजन का संदेश

एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं ने गृह प्रसव मुक्त पंचायत की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि संस्थागत प्रसव से माँ और नवजात की जान बचाई जा सकती है। सुरक्षित प्रसव के लिए नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में प्रसव कराना अत्यंत आवश्यक है।

इसके साथ ही परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों की जानकारी दी गई और समझाया गया कि छोटे, संतुलित और स्वस्थ परिवार से न केवल माँ का स्वास्थ्य बेहतर रहता है, बल्कि बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित होता है।

डॉ. राज कुमार चौधरी, सिविल सर्जन, किशनगंज ने कहा कि माता बैठकों के माध्यम से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना विभाग की प्राथमिकता है। पूर्ण टीकाकरण, सुरक्षित प्रसव और परिवार नियोजन से ही मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। प्रथम 1000 दिन और स्तनपान पर दिया गया संदेश आने वाली पीढ़ी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

जागरूक माताएँ, स्वस्थ भविष्य

बैठक के दौरान माताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया और अपने बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण एवं पोषण से जुड़े सवाल पूछे। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा दिए गए सरल और व्यवहारिक सुझावों से माताओं में जागरूकता देखने को मिली।

इस प्रकार तवलीभीता में आयोजित यह माता बैठक न केवल सूचना साझा करने का मंच बनी, बल्कि स्वस्थ माँ, सुरक्षित शिशु और जागरूक समाज की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुई।

डॉ. देवेंद्र कुमार, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी ने कहा कि टीकाकरण बच्चों के स्वस्थ जीवन की पहली सीढ़ी है। सभी माताओं को चाहिए कि वे अपने बच्चों और किशोरियों का टीकाकरण समय पर कराएं। एचपीवी वैक्सीन भविष्य की गंभीर बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करती है और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है।

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