सारस न्यूज, किशनगंज।
पशुचिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, किशनगंज द्वारा मोतिहारा में 03 जनवरी को पशु कल्याण-सह-बाँझपन निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर निदेशालय प्रसार शिक्षा, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के निर्देशानुसार महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. चंद्रहास के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की आयोजिका डॉ. राखी भारती ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं में बाँझपन से संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूक करना और उनके समाधान के बारे में जानकारी देना था। शिविर के सह-आयोजक डॉ. प्रत्यूष कुमार ने बताया कि पशुओं में बाँझपन की समस्या से बचाव हेतु सही देखभाल, पोषण एवं समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर उपस्थित वैज्ञानिकों ने पशुपालकों को पशुओं की समुचित देखभाल, कृत्रिम गर्भाधान के सही समय की पहचान, हीट (मद) के लक्षणों की पहचान, पशुओं के हीट में न आने की समस्या तथा ब्यात की उम्र कम करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि संतुलित आहार, खनिज तत्वों की पूर्ति एवं नियमित अंतराल पर कृमिनाशक दवाइयों के प्रयोग से बाँझपन की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है।
डॉ. अभिषेक कुमार ने जानकारी दी कि शिविर के दौरान 63 पशुपालकों के कुल 119 छोटे-बड़े पशुओं की जाँच कर बाँझपन से संबंधित समस्याओं के समाधान हेतु परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया। इसके साथ ही आवश्यक दवाइयों, खनिज मिश्रण एवं कृमिनाशक दवाइयों का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
शिविर में पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने द्वार पर ही विशेषज्ञों द्वारा समस्याओं के समाधान की व्यवस्था किए जाने पर वैज्ञानिकों एवं पशुचिकित्सा महाविद्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया।
