आगामी सरस्वती पूजा, 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त पहल पर शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज एवं पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार ने की।
बैठक के दौरान पूजा आयोजन के समय कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन एवं विसर्जन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। शांति समिति के सदस्यों ने विशेष रूप से यातायात जाम से निजात, पूजा स्थलों एवं विसर्जन घाटों पर पर्याप्त रोशनी व पेयजल की व्यवस्था, धोबी घाट क्षेत्र में नदी की साफ-सफाई तथा भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग रखी।
सदस्यों ने सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील गीतों के प्रसारण पर रोक लगाने तथा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित संवेदनशील क्षेत्रों में नशा एवं असामाजिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि ऐसे कृत्य बच्चों एवं युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जाता है।
जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज ने स्पष्ट किया कि पूजा आयोजन के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा और बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना नहीं की जाएगी। उन्होंने डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध दोहराते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किशनगंज जिला अपनी गंगा-जमुनी तहजीब एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता है, जिसे बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि नगर परिषद द्वारा जिले के सौ से अधिक प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित निगरानी की जा रही है। बंगाल सीमा से आने वाले टोटो वाहनों की गहन जांच की जा रही है तथा नियमों के उल्लंघन पर जब्ती की कार्रवाई भी की जा रही है। साथ ही, स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
जिला पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर यदि कोई भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार ने कहा कि सरस्वती पूजा मुख्यतः बच्चों एवं विद्यार्थियों से जुड़ा पर्व है, इसलिए इसे अनुशासन, सौहार्द एवं शांति के वातावरण में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पूजा लाइसेंस के लिए न्यूनतम पांच पदाधिकारियों एवं दस सदस्यों की संयुक्त जिम्मेदारी के साथ आवेदन अनिवार्य होगा। विसर्जन मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीएम (आपदा), जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री जफर आलम, जिला पदाधिकारी के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री चंदन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री अनिकेत कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
सारस न्यूज़, किशनगंज।
आगामी सरस्वती पूजा, 2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित महानंदा सभागार में जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त पहल पर शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज एवं पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार ने की।
बैठक के दौरान पूजा आयोजन के समय कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन एवं विसर्जन व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। शांति समिति के सदस्यों ने विशेष रूप से यातायात जाम से निजात, पूजा स्थलों एवं विसर्जन घाटों पर पर्याप्त रोशनी व पेयजल की व्यवस्था, धोबी घाट क्षेत्र में नदी की साफ-सफाई तथा भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग रखी।
सदस्यों ने सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील गीतों के प्रसारण पर रोक लगाने तथा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित संवेदनशील क्षेत्रों में नशा एवं असामाजिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि ऐसे कृत्य बच्चों एवं युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जाता है।
जिला पदाधिकारी श्री विशाल राज ने स्पष्ट किया कि पूजा आयोजन के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा और बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना नहीं की जाएगी। उन्होंने डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध दोहराते हुए कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किशनगंज जिला अपनी गंगा-जमुनी तहजीब एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण के लिए जाना जाता है, जिसे बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने जानकारी दी कि नगर परिषद द्वारा जिले के सौ से अधिक प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी नियमित निगरानी की जा रही है। बंगाल सीमा से आने वाले टोटो वाहनों की गहन जांच की जा रही है तथा नियमों के उल्लंघन पर जब्ती की कार्रवाई भी की जा रही है। साथ ही, स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं।
जिला पदाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि सोशल मीडिया पर यदि कोई भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार ने कहा कि सरस्वती पूजा मुख्यतः बच्चों एवं विद्यार्थियों से जुड़ा पर्व है, इसलिए इसे अनुशासन, सौहार्द एवं शांति के वातावरण में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पूजा लाइसेंस के लिए न्यूनतम पांच पदाधिकारियों एवं दस सदस्यों की संयुक्त जिम्मेदारी के साथ आवेदन अनिवार्य होगा। विसर्जन मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एडीएम (आपदा), जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री जफर आलम, जिला पदाधिकारी के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री चंदन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री अनिकेत कुमार सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी एवं शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे।