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पीपीआईयूसीडी–आईयूसीडी प्रशिक्षण संपन्न, प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों से परिवार नियोजन सेवाओं को मिलेगा नया संबल।

राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।

सुरक्षित मातृत्व और नियोजित परिवार की दिशा में किशनगंज जिले ने एक और ठोस कदम बढ़ाते हुए पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी पर आधारित पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न किया। सदर अस्पताल, किशनगंज में आयोजित इस प्रशिक्षण के माध्यम से जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से आई स्टाफ नर्स, जीएनएम एवं एएनएम को आधुनिक, सुरक्षित और दीर्घकालिक गर्भनिरोधक सेवाओं में दक्ष बनाया गया। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण के बाद जिले में परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता और स्वीकार्यता दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।

व्यवहारिक दक्षता और आत्मविश्वास पर रहा विशेष फोकस

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी के सुरक्षित इन्सर्शन, संक्रमण से बचाव, संभावित दुष्प्रभावों के प्रबंधन, फॉलो-अप प्रक्रिया तथा प्रभावी काउंसलिंग की गहन जानकारी दी गई। प्रशिक्षण को पूरी तरह व्यवहारिक बनाया गया, ताकि प्रसव कक्ष और ओपीडी में कार्यरत स्वास्थ्यकर्मी महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ यह सेवा उपलब्ध करा सकें।

मिथकों को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम

डीसीएम सह प्रशिक्षक सुमन सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सबसे अधिक जोर सामाजिक मिथकों और गलत धारणाओं को दूर करने पर दिया गया। उन्होंने कहा कि आईयूसीडी और पीपीआईयूसीडी को लेकर समाज में कई भ्रांतियाँ हैं, जिनके कारण महिलाएँ इन सुरक्षित साधनों को अपनाने से हिचकिचाती हैं। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्यकर्मियों को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाता है, बल्कि उन्हें ऐसा संवाद कौशल भी देता है, जिससे वे महिलाओं और उनके परिवारों का भरोसा जीत सकें।

परिवार नियोजन में किशनगंज की मजबूत होती पहचान

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने प्रशिक्षण के सफल समापन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि किशनगंज जिला परिवार नियोजन कार्यक्रम में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि पीपीआईयूसीडी उपलब्धि के मामले में जिला राज्य में सातवें स्थान पर है, जो हमारे स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। इस तरह के प्रशिक्षण से एवं सहयोगी संस्था पीएसआई इंडिया के अथक प्रयासों से मानव संसाधन और अधिक मजबूत होगा और हम आने वाले समय में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक लाभ

सिविल सर्जन ने कहा कि पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी जैसे साधन अनचाहे गर्धधारण को रोकने के साथ-साथ मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में भी सहायक हैं। जब महिला को सही समय पर सही जानकारी और सुरक्षित विकल्प मिलता है, तो उसका स्वास्थ्य बेहतर रहता है और परिवार भी सशक्त बनता है।

महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प

डीपीएम डॉ. मुनाजिम ने बताया कि इस प्रशिक्षण के बाद जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर महिलाओं को पीपीआईयूसीडी एवं आईयूसीडी सेवाएँ और अधिक सहजता, सम्मान और गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यह पहल न केवल परिवार नियोजन को मजबूती देगी, बल्कि महिलाओं को उनके स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों में सशक्त बनाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से किशनगंज आने वाले समय में परिवार नियोजन और सुरक्षित मातृत्व के क्षेत्र में एक उदाहरण के रूप में उभरेगा।

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