सारस न्यूज, किशनगंज।
किशनगंज जिले के टेढ़ागांछ प्रखंड स्थित फुलवरिया पंचायत में आपदा प्रबंधन को लेकर एक संयुक्त मॉक एक्सरसाइज का सफल आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना और विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।
यह मॉक ड्रिल 12वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) की सीमा चौकी पैकटोला की रैपिड रिस्पॉन्स टीम तथा एसडीआरएफ (SDRF) किशनगंज के जवानों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्रक मुख्यालय रानीडांगा के डीसी श्री संजय शाह ने की, जबकि सहायक कमांडेंट श्री बलदेव सिंह और श्री विनय कुमार मिश्रा ने भी मौके पर उपस्थित रहकर जवानों का मार्गदर्शन किया।
अभ्यास के दौरान भूकंप जैसी आपदा की स्थिति में ढही हुई इमारतों से घायलों को सुरक्षित निकालने और उन्हें प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। इसके लिए आधुनिक उपकरणों जैसे आर.आर. शॉ और रेसिप्रोकेटिंग शॉ का उपयोग कर दीवारों को काटने और मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की तकनीक दिखाई गई।
इसके अलावा, मलबे में दबे लोगों की खोज के लिए विशेष सर्च तकनीकों का प्रदर्शन किया गया तथा आग लगने की स्थिति में सुरक्षित तरीके से नियंत्रण पाने के उपाय भी समझाए गए।
इस संयुक्त अभ्यास में SSB के 21 जवान और SDRF के 10 रेस्क्यूअर्स शामिल हुए। वहीं, करीब 95 स्थानीय ग्रामीणों—जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे—ने इस कार्यक्रम को देखा और आपदा के समय अपनाए जाने वाले जरूरी सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह के अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना तथा आम लोगों को जागरूक और प्रशिक्षित करना है। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे आपदा के प्रति सजग रहें और आपात स्थिति में प्रशासन व बचाव दलों का सहयोग करें।
