राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
कहते हैं जब ऊपर वाला देता है, तो छप्पर फाड़ कर देता है। कुछ ऐसा ही अनोखा नजारा किशनगंज के माता गुजरी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला, जहां टेढ़ागाछ की रहने वाली जुली देवी ने एक साथ चार स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है।घर में सजी ‘बच्चों की फौज’, नाना बोले- “ईश्वर का उपहार”भोरहा पंचायत की रहने वाली जुली देवी के घर में पहले से ही एक बेटा और एक बेटी की रौनक थी। अब चार नए मेहमानों के आने से घर में बच्चों की संख्या आधा दर्जन (6) हो गई है। बच्चों के नाना ने भावुक होते हुए कहा:”यह हमारे लिए ईश्वर का अनुपम उपहार है। हमें ऊपर वाले के चमत्कार और डॉक्टरों की मेहनत पर पूरा भरोसा था।”डॉ. चांदनी सहगल की टीम ने रचा इतिहासयह कोई सामान्य डिलीवरी नहीं थी। चार बच्चों का एक साथ जन्म होना चिकित्सा जगत के लिए एक बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण कार्य था।कुशल नेतृत्व: डॉ. चांदनी सहगल और उनकी विशेषज्ञ टीम ने अपनी पूरी दक्षता और जांबाजी से इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया।ऐतिहासिक उपलब्धि: एमजीएम मेडिकल कॉलेज के इतिहास में यह पहला मामला है जब एक साथ चार बच्चों का सफल प्रसव कराया गया है।विशेष देखभाल: जन्म के समय बच्चों का वजन कम होने के कारण उन्हें फिलहाल NICU में रखा गया है। डॉक्टरों की टीम 24 घंटे उनकी निगरानी कर रही है।अस्पताल प्रशासन का मानवीय चेहराएमजीएम के रजिस्ट्रार डॉ. इच्छित भारत ने बताया:”जच्चा और चारों बच्चे सुरक्षित हैं। यह हमारी टीम की ऐतिहासिक सफलता है। चूंकि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, इसलिए अस्पताल प्रशासन उनकी हर संभव मदद कर रहा है।”चिंता के बाद छाई खुशी की लहरऑपरेशन थियेटर के बाहर परिजनों के चेहरे पर घबराहट साफ दिख रही थी। लेकिन जैसे ही एक-एक कर चार बच्चों के जन्म की खबर आई, पूरा अस्पताल परिसर जश्न में डूब गया।सफलता के सूत्रधार (मेडिकल टीम):इस ऐतिहासिक ऑपरेशन की कमान निम्नलिखित विशेषज्ञों ने संभाली थी:डॉ. चांदनी सहगलडॉ. ईरामडॉ. अभजोतडॉ. रीता पॉलडॉ. एसी जैनआज पूरा जिला इस मेडिकल टीम की कार्यकुशलता और सेवा भावना की सराहना कर रहा है।
