राहुल कुमार, सारस न्यूज, किशनगंज।
विद्या, बुद्धि और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना का पावन पर्व बसंत पंचमी आज पूरे जिले में हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी के अवसर पर शहर के चप्पे-चप्पे में भक्ति का माहौल है।
पंडालों में उमड़ा भक्तों का जनसैलाब
शुक्रवार की सुबह से ही किशनगंज के विभिन्न मोहल्लों, शिक्षण संस्थानों और सामुदायिक केंद्रों पर स्थापित पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मां सरस्वती की सौम्य प्रतिमाओं को आकर्षक फूलों, आम के पल्लवों और रंगीन रंगोलियों से सजाया गया है। मंत्रोच्चारण और आरती की मधुर ध्वनियों से पूरा वातावरण आध्यात्मिक हो गया है।
विद्यार्थियों में दिखा विशेष उत्साह
ज्ञान की देवी की इस पूजा में सबसे अधिक उत्साह बच्चों और छात्र-छात्राओं में देखने को मिला।
- पारंपरिक वेशभूषा: पीले और बसंती रंग के वस्त्रों में सज-धजकर विद्यार्थी पंडालों में पहुंचे।
- अक्षय विद्या की कामना: छात्रों ने अपनी पुस्तकें, पेन और वाद्य यंत्र मां के चरणों में अर्पित कर बेहतर भविष्य और ज्ञान की कामना की।
- सांस्कृतिक उल्लास: कई स्कूलों में बच्चों ने सरस्वती वंदना और भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी।
प्रशासन की पैनी नजर
23 जनवरी को पड़ रहे इस उत्सव को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पूजा के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से उत्सव मनाने की अपील की है।
ऋतुराज वसंत का स्वागत
धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह पर्व प्रकृति में बदलाव और ऋतुराज वसंत के आगमन का भी संदेश लेकर आया है। किशनगंजवासियों के लिए यह दिन शिक्षा, कला और संस्कृति के प्रति अपनी निष्ठा दोहराने का अवसर बन गया है। मान्यता है कि आज के दिन मां सरस्वती की आराधना करने से अज्ञानता का अंधकार मिटता है और जीवन में सफलता का प्रकाश फैलता है।
