राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
किशनगंज जिले के लिए यह गौरव का क्षण है, जब भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने विद्या भारती द्वारा संचालित सरस्वती विद्या मंदिर को सैनिक स्कूल का दर्जा प्रदान किया है। यह बिहार का चौथा विद्यालय है जिसे यह प्रतिष्ठित मान्यता प्राप्त हुई है। इससे पूर्व पटना, भागलपुर और रोसड़ा के स्कूलों को यह दर्जा मिल चुका है।
सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण किशनगंज में सैनिक स्कूल की स्थापना को राष्ट्रसेवा से जोड़ने की पहल माना जा रहा है। यह स्कूल अब लोक शिक्षा समिति, बिहार के तत्वावधान में सैनिक स्कूल के रूप में विकसित होगा।
विद्यालय प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष नन्द किशोर पोद्दार ने इसे किशनगंज के लिए सम्मान की बात बताते हुए कहा कि “रक्षा मंत्रालय द्वारा सौंपी गई यह जिम्मेदारी निष्ठा के साथ निभाई जाएगी।”
वहीं प्राचार्य नागेन्द्र तिवारी ने जानकारी दी कि जुलाई 2025 से सैनिक स्कूल के रूप में पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए 100 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिनमें 60% स्थानीय और 40% बाहरी छात्रों के लिए आरक्षित होंगी। प्रवेश प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, मेडिकल टेस्ट, और इंटरनल परीक्षा के आधार पर नामांकन होगा।
विद्यालय में आदर्श छात्रावास, शिक्षा, अनुशासन, और खेल-कूद की उच्चस्तरीय सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, जिससे छात्रों को हर दृष्टिकोण से एक सैन्य वातावरण प्राप्त हो।
यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं को नई दिशा देगी, बल्कि उन्हें देशसेवा की मुख्यधारा से जोड़ने का अवसर भी प्रदान करेगी।
