सारस न्यूज़, किशनगंज।
संकुल संघों की स्वायत्तता और कानूनी मजबूती बढ़ेगी : जिलाधिकार
जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए दस जीविका संकुल संघों को सहकारी समिति के रूप में निबंधन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। शनिवार को जिला समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी के कार्यालय कक्ष में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी विशाल राज ने विभिन्न प्रखंडों से आई जीविका दीदियों को यह प्रमाण पत्र सौंपे।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सहकारी समिति के रूप में निबंधन मिलने से जीविका संकुल संघों को वैधानिक पहचान और कानूनी अधिकार प्राप्त होंगे। इससे ये संस्थाएं स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकेंगी और महिलाओं के आर्थिक विकास एवं आजीविका सृजन में अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगी। उन्होंने बताया कि निबंधित सहकारी समितियों में प्रत्येक पांच वर्ष पर राज्य निर्वाचन प्राधिकार के माध्यम से निदेशक मंडल का चुनाव कराया जाएगा, जिससे संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था और पारदर्शिता मजबूत होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित डीपीएम जीविका अनुराधा चंद्रा ने जानकारी दी कि किशनगंज जिले में वर्तमान में कुल 32 जीविका संकुल संघ कार्यरत हैं, जिनमें से अब तक 15 संकुल संघों को स्वावलंबी सहकारी समिति का प्रमाण पत्र मिल चुका है। शेष 17 संकुल संघों के निबंधन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और शीघ्र ही सभी को सहकारी समिति का दर्जा दे दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि निबंधन से संकुल संघों की संस्थागत शक्ति बढ़ेगी और इससे जुड़ी हजारों महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस कार्यक्रम में जिला सहकारिता पदाधिकारी अमर नाथ कपूर भी उपस्थित रहे।
बिहार स्वावलंबी सहकारी समिति अधिनियम, 1996 के अंतर्गत जिन संकुल संघों को निबंधन प्रमाण पत्र प्रदान किया गया, उनमें—
कोचाधामन प्रखंड के उजाला, आशा और प्रतिज्ञा,
सदर प्रखंड के बढ़ते कदम और उड़ान,
दिघलबैंक प्रखंड का चांदनी,
ठाकुरगंज प्रखंड का आकाश,
तथा पोठिया प्रखंड के सहारा, भारत और अमन जीविका संकुल संघ शामिल हैं।
सहकारी समिति के रूप में निबंधन मिलने से इन संकुल संघों के माध्यम से महिला सदस्यों की आर्थिक मजबूती, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
