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ईसाईयों द्वारा मनाया गया ईस्टर संडे का पर्व। चर्चों में आयोजित हुई प्रार्थना सभा

सारस न्यूज़ टीम, सारस न्यूज़।

रविवार को प्रभु यीशु के पुनर्जीवित होने की खुशी में ईस्टर संडे का पर्व मनाया गया। इस उपलक्ष्य में नगर के चेंगमारी में स्थित सेंट एंथोनी कैथोलिक चर्च, फाराबाड़ी में स्थित फ्री सहित प्रखंड क्षेत्र के सभी गिरिजाघरों में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। रविवार की सुबह से ही ईसाई समाज के लोग चर्च पहुंचकर प्रभु यीशु के पुर्नजन्म पर प्रार्थना सभा की। इस मौके पर विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। प्रार्थना सभा में ईसाई धर्म के लोगों ने भाग लेते हुए प्रभु यीशु द्वारा दिए गए उपदेशों को पढ़कर सुनाया गया। ईसाई धर्म के अनुयायियों ने ईस्टर संडे पर प्रभु यीशु को याद किया एवं मिशन में बाइबल पाठ का आयोजन किया गया। ईसाई समुदाय के लोग प्रभु के आने की समाज के लोग भजनों व गीतों के साथ प्रभु यीशु मसीह को याद किया।

सेंट एंथोनी कैथोलिक चर्च के पादरी फादर जॉन होरो ने कहा कि समाज को सहज, सरल तथा धर्म पर चलने के लिए पृथ्वी पर पैगंबरो का अवतरण होता रहा। उसी क्रम में प्रभु यीशु ने भी सूली पर चढ़ने के तीसरे दिन जीवित होकर समाज को नई दिशा व आयाम दिया।आज भी प्रभु यीशु हम सभी को साकार रूप में जीवित हैं। ऐसी मान्यता है कि गुड फ्राइडे के दिन प्रभु ईशा मसीह को सूली पर लटका दिया था। क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद गुड फ्राइडे के तीसरे दिन दुनिया के उद्घारकर्ता प्रभु यीशु मसीह पुन: जीवित हो उठे थे।ईस्टर संडे पर दोबारा जीवित होने के बाद यीशु ने 40 दिनों तक अपने शिष्यों को सत्य के रास्ते पर चलने का संदेश दिया। प्रभु ईशा मसीह ने करूणा, दया और क्षमा का उपदेश दिया था। ईस्टर पर्व हमें शांति, सद्भाव व भाईचारे की सीख देता है।

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