सारस न्यूज, किशनगंज।
रविवार की शाम कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर प्रखंड के चुरली पंचायत के झाला व कुकुरबाघी पंचायत के गलगलियागच्छ गांव में तीन दिवसीय रास महोत्सव का आयोजन शुभारंभ किया गया। रास महोत्सव की शुरुआत वैदिक मंत्र- उच्चारण के साथ सत्यनारायण कथा का भी आयोजन हुआ। इससे पूर्व झाला स्थित मंदिर में पुरोहित उदयानन्द झा के द्वारा मंदिर में राधा-कृष्ण, चानेश्वरी माता, बूढ़ी माता, बजरंगबली, गौर निताई की नवनिर्मित प्रतिमा को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापित किया गया। इस दौरान महिला श्रद्धालुओं के द्वारा नए धान के फसल से सभी भगवान की पूजा की गई।सत्यनारायण कथा के बाद 48 घन्टे का अखंड हरे राम हरे कृष्ण अष्टयाम संकीर्तन का आयोजन का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में गांव के आसपास के क्षेत्र के अलावे पश्चिम बंगाल से भी भक्तजन पहुंचे और भगवान की पूजा अर्चना की। पूजा के दौरान रास पर बने राधा कृष्ण की प्रतिमा को 24 रास रसाया गया। हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे, हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे का उच्चारण के साथ पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में गुंजायमान रहा। इस दौरान सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया।
झाला गांव में आयोजित रास महोत्सव कार्यक्रम के संयोजक नन्द कुमार झा व श्याम सुंदर झा तथा कुकुरबाघी के पूर्व मुखिया रविन्द्र चंद्र सिंह ने बताया कि रास महोत्सव प्रखंड के चुरली पंचायत के झाला व कुकुरबाघी पंचायत के गलगलियागच्छ में आयोजित किया जाता है। इस दिन महिलाएं विभिन्न नदियों में स्नान कर कार्तिक पूर्णिमा पर्व मनाती हैं। सत्यनारायण भगवान के पूजन से यह महोत्सव आरंभ होता है। फिर 48 घंटे का अष्टयाम संकीर्तन के आयोजन के बाद मेले का आयोजन शुरु किया गया है एवं स्थानीय भाषा में रास कलाकारों द्वारा रासलीला की प्रस्तुत किया गया। मान्यता है कि पूजा व मन्नत मांगने पर भगवान कार्तिक सभी की मुरादें पूरी करते हैं। वहीं इस तीन दिवसीय रास महोत्सव को सफल बनाने में मिथिलेश झा, श्यामसुंदर झा, नंद कुमार झा, सूरत लाल मालाकार, नरसिंह मालाकार, प्रहलाद मालाकार, उदयानंद झा, रविन्द्र चंद्र सिंह, रंजीत सिंह आदि ने अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
