सारस न्यूज, किशनगंज।
गोपालगंज के जिला पदाधिकारी जी. कृष्णैया की 5 दिसंबर 1994 को हुई हत्या की मुख्य आरोपी आनंद मोहन सिंह की कानून बदलकर नीतीश सरकार द्वारा रिहाई करने पर लोजपा के वरिष्ठ नेता किशन बाबू पासवान ने घोर आपत्ति प्रकट की है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार ने भविष्य के लिए खतरनाक मिसाल बना दी है, ये संविधान की नींव को नष्ट कर देगा। उन्होंने बताया कि नीतीश की सरकार दलित विरोधी ही नहीं प्रशासनिक पदाधिकारियों की विरोधी सरकार है। स्वर्गीय जी कृष्णैया एक दलित परिवार से आते थे। इसलिए ही नीतीश सरकार वोट की राजनीति के चक्कर में बाहुबलियों के लिए कानून में ही बदलाव कर यह बता दिया है कि यह सरकार दलित विरोधी सरकार के साथ साथ बाहुबलियों की सरकार है।
उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के दोषी बाहुबली आनंद मोहन सिंह की रिहाई के लिए बिहार सरकार ने पिछले दिनों जेल मैनुअल में जो संशोधन किया है, उससे उन्हें राहत दी गई है वह सुशासन को झुठलाता है। 1994 में जब जी कृष्णैया की हत्या हुई थी, तब वह गोपालगंज के डीएम थे। उन्होंने कुली के तौर पर काम करना शुरू किया था। इसके बाद अलग-अलग काम करते हुए उन्होंने आईएएस बनने तक का सफर तय किया था।
