राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के खलीफा पट्टी की रहने वाली एक बेबस विधवा सीमा खातून अपने पति मो. इम्तियाज की हत्या के मामले में न्याय के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। आरोप है कि घटना के 40 दिन बीत जाने के बाद भी ठाकुरगंज पुलिस की कार्यशैली ढुलमुल बनी हुई है, जिससे पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश और असुरक्षा का माहौल है।
सीमा खातून द्वारा एसपी को सौंपे गए आवेदन के अनुसार, उनके पति मो. इम्तियाज की हत्या 16 फरवरी 2026 को कर दी गई थी। पीड़िता का दावा है कि हत्या की मुख्य वजह पैसों का लेन-देन है। बताया गया है कि मृतक ने मुख्य आरोपी मो. राजा को बजाज फाइनेंस से लोन लेकर और अपनी फूफी से पैसे लेकर कुल 4,73,238 रुपये दिए थे। जब इम्तियाज ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची।
पीड़िता का आरोप है कि ठाकुरगंज थानाध्यक्ष ने शुरुआत में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन हकीकत में पुलिस निष्क्रिय रही। पीड़िता के अनुसार, पुलिस ने काफी समय तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही, जबकि रिपोर्ट आने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पुलिस की ओर से ढिलाई का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी मो. राजा ने खुद को बचाने के लिए सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जबकि उसका बहनोई और सह-आरोपी मो. नूर अली अब भी फरार है।
सीमा खातून ने बताया कि आरोपी मो. राजा आपराधिक छवि का व्यक्ति है, जिस पर पश्चिम बंगाल के खोरीबाड़ी थाना में भी डकैती का मामला दर्ज है। पीड़िता ने भावुक होते हुए कहा, “हम गरीब हैं, इसलिए पुलिस हमारी बात नहीं सुन रही है। मेरे पांच छोटे बच्चे हैं, जिनके भरण-पोषण का अब कोई सहारा नहीं बचा।”
पीड़िता ने एसपी से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उनके मार्गदर्शन में कराई जाए। उन्होंने फरार आरोपी मो. नूर अली की अविलंब गिरफ्तारी और जेल में बंद आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की अपील की है।
