बिंदु अग्रवाल की कविता # 4 (सफर जिंदगी का।)
Post Views: 1,028 विजय गुप्ता, सारस न्यूज, गलगलिया। सफर जिंदगी का दिल के असाध्य रोग सा, दिल में मेरे पलता रहा।पीकर लहू मेरा, मुझे ही छलता रहा।। शाम सी ढलती…
बिंदु अग्रवाल की कविता # 3 (हाँ ! मैं किसान हूँ)
Post Views: 1,099 विजय गुप्ता, सारस न्यूज, गलगलिया। हाँ ! मैं किसान हूँ। हाँ मैं किसान हूँआधार स्तम्भ हूँ देश कावसुन्धरा की जान हूँ,हाँ! मैं किसान हूँ… मेरुदण्ड हूँ मैं…
बिंदु अग्रवाल की कविता # 2 (कभी सोचना)
Post Views: 945 विजय गुप्ता, सारस न्यूज, गलगालिया। कभी रात के अंधेरे में अकेलेबैठ कर सोचना,आज तुमने कितनों को खुशी दी है?कितने आहत हुये हैं तुम्हारी बातों से? कितनों के…
बिंदु अग्रवाल की कविता # 2 (कभी सोचना)
Post Views: 724 साहित्य डेस्क, सारस न्यूज़। “कभी सोचना” कभी रात के अंधेरे में अकेले बैठ कर सोचना, आज तुमने कितनों को खुशी दी है? कितने आहत हुये हैं तुम्हारी…
बिंदु अग्रवाल की कविता # 1 (बाँझ)
Post Views: 1,192 साहित्य डेस्क, सारस न्यूज़। बाँझ उसका भी तो हृदय मचलता होगातरसती होंगी बाँहे,कोई नन्हे-नन्हे होठों सेउसे माँ कह कर बुलाये। चूमें उसके गालों को,उसके बालों से खेले।पकड़…
