प्रेमचंद की एक प्रसिद्ध कविता
Post Views: 322 हसरत, सारस न्यूज़, वेब डेस्क मधुशाला सर्वत्र छायी धुंधलका, और लगती रात अंधारी, मधुशाला में बैठे सब, ये कह रहे थे, ‘नमस्कार, प्यारी।’ चमकती लौ की रातें…
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