यहाँ उसी खबर पर आधारित **मौलिक, साफ़ और गैर-कॉपी लगने वाला समाचार लेख** प्रस्तुत है। तथ्यों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कोई नई अपुष्ट जानकारी नहीं जोड़ी गई है 👇—**बिहार के 789 सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का स्वरूप, कैबिनेट ने दी ₹1485.85 करोड़ की मंजूरी**पटना।बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कुल 43 प्रस्तावों पर मुहर लगी।कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य के 789 चयनित सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक आधारित और कौशल उन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं और समृद्ध लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि इस योजना के लिए कुल 1485.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खर्च की जाएगी। योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लागू की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों में तकनीकी साक्षरता, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने बताया कि केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ा जाए।**1161 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी**कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 1161 पदों के सृजन और पुनर्गठन की स्वीकृति भी दी गई। कृषि विभाग के अंतर्गत पदों के पुनर्गठन के बाद 194 पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक और 99 पौधा संरक्षण निरीक्षक सहित कुल 694 पदों को मंजूरी दी गई है।इसके अलावा वन एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों के समाधान के लिए एक वन एवं पर्यावरण सलाहकार पद का सृजन किया गया है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में कार्यालय परिचाली संवर्ग के 200 पदों के पुनर्गठन को भी हरी झंडी मिली है।युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के लिए 147 पद, राजकीय पॉलिटेक्निक बगहा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पठन-पाठन शुरू करने के लिए 106 पद, जन शिक्षा निदेशालय के लिए 9 पद तथा पटना हाईकोर्ट में 4 अतिरिक्त विधि सहायकों के पद स्वीकृत किए गए हैं। पूर्व में सृजित विधि लिपिक पद का नाम बदलकर विधि सहायक कर दिया गया है।सरकार के इस फैसले को शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।—अगर आप चाहें तो मैं इसके लिए* **ब्रेकिंग हेडलाइन**,* **YT न्यूज़ स्क्रॉलिंग टेक्स्ट**,* **30–40 सेकंड का Voice Over**,* या **English slug** भी तुरंत तैयार कर दूँ।
यहाँ उसी खबर पर आधारित **मौलिक, साफ़ और गैर-कॉपी लगने वाला समाचार लेख** प्रस्तुत है। तथ्यों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और कोई नई अपुष्ट जानकारी नहीं जोड़ी गई है 👇—**बिहार के 789 सरकारी स्कूलों में बदलेगा पढ़ाई का स्वरूप, कैबिनेट ने दी ₹1485.85 करोड़ की मंजूरी**पटना।बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस महत्वाकांक्षी योजना को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में कुल 43 प्रस्तावों पर मुहर लगी।कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य के 789 चयनित सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को आधुनिक, तकनीक आधारित और कौशल उन्मुख शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत स्कूलों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं और समृद्ध लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी।कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद चौधरी ने बताया कि इस योजना के लिए कुल 1485.85 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 में खर्च की जाएगी। योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप लागू की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों में तकनीकी साक्षरता, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने बताया कि केवल छात्रों ही नहीं, बल्कि इन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को भी आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी तथा गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके। सरकार का लक्ष्य है कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ा जाए।**1161 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी**कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में कुल 1161 पदों के सृजन और पुनर्गठन की स्वीकृति भी दी गई। कृषि विभाग के अंतर्गत पदों के पुनर्गठन के बाद 194 पौधा संरक्षण पर्यवेक्षक और 99 पौधा संरक्षण निरीक्षक सहित कुल 694 पदों को मंजूरी दी गई है।इसके अलावा वन एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों के समाधान के लिए एक वन एवं पर्यावरण सलाहकार पद का सृजन किया गया है। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग में कार्यालय परिचाली संवर्ग के 200 पदों के पुनर्गठन को भी हरी झंडी मिली है।युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के लिए 147 पद, राजकीय पॉलिटेक्निक बगहा में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पठन-पाठन शुरू करने के लिए 106 पद, जन शिक्षा निदेशालय के लिए 9 पद तथा पटना हाईकोर्ट में 4 अतिरिक्त विधि सहायकों के पद स्वीकृत किए गए हैं। पूर्व में सृजित विधि लिपिक पद का नाम बदलकर विधि सहायक कर दिया गया है।सरकार के इस फैसले को शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।—अगर आप चाहें तो मैं इसके लिए* **ब्रेकिंग हेडलाइन**,* **YT न्यूज़ स्क्रॉलिंग टेक्स्ट**,* **30–40 सेकंड का Voice Over**,* या **English slug** भी तुरंत तैयार कर दूँ।