सारस न्यूज़, सिलीगुड़ी।
बंगाल – बिहार समेत झारखंड, उत्तर प्रदेश और नेपाल में मनाए जाने वाले लोक आस्था का पवित्र त्योहार चैती छठ पर्व के तीसरे दिन भारत – नेपाल सीमा के मेची नदी के तट पर मंगलवार को छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। मेची नदी के घाटों पर जुटे श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर अपने परिवार के सुख शांति की छठ मैया से कामना की । डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए व्रती और उनके स्वजन अपने घरों से पूजा सामग्रियों के साथ घाटों पर पहुंच गए थे। घुटने तक पानी में उतर कर, पूजा सामग्रियों से भरे सूप हाथों में लिए व्रतियों ने डूबते सूर्य को पूरी श्रद्धा के साथ पहला अर्घ्य दिया। वहीं अपर बागडोगरा स्थित जागृति स्पोर्टिंग क्लब की ओर से कमलपुर घाट पर चैती छठ महापर्व का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 250 व्रतियों ने पूजा-अर्चना की और करीब 1500 श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस दौरान सभी ने डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया गया ।आमंत्रित आचार्य मृत्युंजय पाठक ने विधि-विधान से मंत्रोच्चारण कराया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। क्लब के सचिव अंबुज कुमार राय ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घाट की विशेष साफ-सफाई, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई थी।इस अवसर पर क्लब के अध्यक्ष राकेश दुबे, कोषाध्यक्ष श्रीकांत गोस्वामी तथा सदस्य मुकेश सिंह, कमलेश दुबे, रामाधार ठाकुर, राजीब ठाकुर, कमल महतो, मनोज ओझा, दीवार अहीर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
