सारस न्यूज़, सिलीगुड़ी।
नक्सलबाड़ी: सिलीगुड़ी महकमा के नक्सलबाड़ी में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई के दौरान लगातार अव्यवस्था की तस्वीर सामने आ रही है। गुरुवार को लाठी के सहारे खड़े बुजुर्ग दंपति सबितलाल मिश्रा (79) और उनकी पत्नी माधुरी मिश्रा (70) गंभीर बीमारियों के बावजूद सुनवाई के लिए नक्सलबाड़ी बीडीओ कार्यालय पहुंचे। दंपति नक्सलबाड़ी प्रखंड क्षेत्र के स्टेशन पाड़ा के निवासी हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सबितलाल मिश्रा का नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची में दर्ज है, फिर भी उन्हें सुनवाई का नोटिस मिला। बताया गया है कि बुजुर्ग दंपति पहले से ही कई शारीरिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। सबितलाल मिश्रा को ठीक से सुनाई नहीं देता और आंखों से भी कम दिखाई देता है, जबकि माधुरी देवी मिश्रा अस्थमा की मरीज हैं। इसके बावजूद दोनों को बीडीओ कार्यालय आना पड़ा, जहां कथित तौर पर भारी अव्यवस्था और परेशानियों का सामना करना पड़ा।
माधुरी देवी मिश्रा ने बताया कि वे पढ़ी-लिखी नहीं हैं। 2002 से नाम होने के बावजूद नोटिस आया है। कहा जा रहा है कि जिनका नाम नहीं रहेगा, उन्हें बाहर कर दिया जाएगा। इसी डर से वे सुनवाई में आए हैं।
इस संबंध में सिलीगुड़ी महकमा परिषद के अध्यक्ष अरुण घोष ने कहा कि बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं के मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बजाय आए दिन ऐसी घटनाएं घटित हो रही हैं। चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने के बजाय नागरिकों को परेशान किया जा रहा है।
