सारस न्यूज़, सिलीगुड़ी।
भारत -नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी 41 वीं वाहिनी की सी कंपनी पानीटंकी के जवानों ने दोहरी नागरिकता रखने के आरोप में नेपाल पुलिस के पूर्व सब -इंस्पेक्टर को अपने हिरासत में लिया है। हिरासत में लिए गए आरोपित का नाम उत्तम कुमार श्रेष्ठ (61) है। वह पड़ोसी देश नेपाल के दंग जिले के त्रिबुवन नगर स्थित रप्ती जोन इलाके का निवासी है। वर्तमान में वह जिला पूर्वी सिक्किम के सब-गंगटोक, डीजल पावर हाउस इलाके में रह रहा। आरोपित 12 साल तक नेपाल पुलिस में सब – इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत था। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसएसबी को सूचना मिली कि उक्त आरोपित भारत से नेपाल सोना की तस्करी करता है। इसी सूचना के आधार पर एसएसबी ने रूटीन चेकिंग ड्यूटी के दौरान पानीटंकी स्थित न्यू ब्रिज पर नेपाल से भारत आ रहे उक्त आरोपित को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी लेने के दौरान आरोपित के पास से सोना नहीं मिला और न ही सोना तस्करी के कोई सुराग मिले। चेकिंग के दौरान उसके पास से भारतीय वोटर कार्ड ,भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस और नेपाली नागरिकता की ज़ेराक्स कापी बरामद हुआ। इसके बाद एसएसबी ने दोहरी नागरिकता रखने के आरोप में उसे अपने हिरासत में ले लिया। बाद में एसएसबी ने अपनी सारी कागजी कार्रवाई करने के बाद आरोपित को बुधवार सुबह खोरीबाड़ी थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपित को सिलीगुड़ी अदालत में पेश किया। यहां से अदालत ने आरोपित को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पुलिस मामले की गहन छानबीन शुरू कर दी है।आरोपित को सब – इंस्पेक्टर से किया गया था बर्खास्त पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपित उत्तम कुमार श्रेष्ठ पड़ोसी देश नेपाल के राजधानी काठमांडू में नेपाली कलेंडर के अनुसार 2044 साल से 2056 साल तक नेपाल पुलिस के सब – इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत थे। बताया गया है कि आरोपित पुलिस का फायदा उठाकर सोना की तस्करी किया करता था। इस मामले को उजागर होने के बाद आरोपित उत्तम कुमार श्रेष्ठ को सब – इंस्पेक्टर पद से बर्खास्त कर दिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया आरोपित को रिमांड की अर्जी पर सिलीगुड़ी अदालत में पेश। अदालत ने आरोपित को तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस आरोपित से गहन पूछताछ कर रही है।
