सारस न्यूज़, सिलीगुड़ी।
नक्सलबाड़ी: दार्जिलिंग जिला पुलिस के अधीन फांसीदेवा में एक नवजात की हत्या को लेकर पूरे महकमा इलाकों में रोष व्याप्त है। इसी क्रम में गुरुवार को जनजाति सुरक्षा मंच के बैनर तले विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली पानीघाटा मोड़ से शुरू होकर विभिन्न इलाकों का परिक्रमा करने के बाद बागडोगरा-बिहार जाने वाली सड़क पर 1:30 बजे से 4:30 बजे तक, यानी करीब तीन घंटे तक सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के माध्यम से नवजात की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद कादिर को प्रशासन से फांसी या कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में समाजसेवी एंडी मुंडा, सरोज चौहान समेत लगभग 1600 जनजाति सुरक्षा मंच के लोग मौजूद थे।
क्या है पूरा मामला :
फांसीदेवा थाना क्षेत्र के झमकलाल जोत निवासी सुरु मुंडा के घर समेत दो बीघा जमीन है। इस जमीन पर भू-माफियाओं की नजर पड़ गई। बीते 23 दिसंबर को घर में सिर्फ महिलाओं को पाकर भू-माफिया मोहम्मद कादिर समेत कुछ लोगों ने उसके घर जाकर जमीन खाली करने को कहा। बात नहीं मानने पर मारपीट भी की। इसी दौरान सुरु मुंडा की बहू, सात महीने की गर्भवती रोशनी उरांव को काफी चोटें आईं। इसके बाद खेती में लगी सब्जियों को भू-माफियाओं ने बर्बाद कर दिया।

इसके बाद सुरु मुंडा ने मोहम्मद कादिर के खिलाफ फांसीदेवा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया था कि गर्भवती महिला और अन्य लोगों के साथ मोहम्मद कादिर ने कुछ लोगों के साथ मारपीट की है, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बताया जाता है कि मोहम्मद कादिर तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा है।
घटना के बाद रोशनी उरांव को सात जनवरी को फांसीदेवा ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया। आठ जनवरी को उसने एक बेटे को जन्म दिया और 11 जनवरी को उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद 12 जनवरी को मोहम्मद कादिर को नवजात की हत्या के आरोप में फांसीदेवा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
