सारस न्यूज़, किशनगंज।
जिला परिषद सदस्य नासिक नादिर ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर किशनगंज जूट मिल की जमीन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने भू-माफियाओं और अधिकारियों की मिलीभगत से करोड़ों की सरकारी व औद्योगिक भूमि के अवैध कब्जे और खरीद-बिक्री का गंभीर आरोप लगाया है।
नासिक नादिर ने बताया कि किशनगंज थाना अंतर्गत हल्का टेउसा, मौजा सिमलबाड़ी (थाना संख्या 25) में स्थित जूट मिल की जमीन, जिसका खाता संख्या 104, 126, 22 तथा विभिन्न खेसरा संख्या (889, 890 आदि) हैं, पर अवैध तरीके से दाखिल-खारिज का खेल खेला गया है।
उन्होंने कहा कि यह जमीन ‘किशनगंज जूट मिल लिमिटेड’ के नाम से दर्ज थी, जिसके निदेशक गौरव बजाज (पिता— साजन कुमार बजाज), कोलकाता निवासी हैं। आरोप है कि भू-माफियाओं ने अधिकारियों के साथ मिलकर न केवल मिल के पुराने भवनों को ध्वस्त कर दिया, बल्कि फर्जीवाड़े के जरिए जमीन को अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर दर्ज करा दिया।
वाद संख्या 3939/2023-2024 के माध्यम से अंचल अधिकारी के आदेश पर संदिग्ध तरीके से जमीन की जमाबंदी बदली गई। उद्योग विभाग से बिना किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के औद्योगिक भूमि को व्यावसायिक/निजी उपयोग के लिए बेचा गया।
जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय के पत्रांक संख्या 174 (74), दिनांक 21/04/2026 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जड़ें काफी गहरी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जूट मिल की जमीन को बेचना और बिना औद्योगिक विभाग की अनुमति के उसका स्वरूप बदलना एक बड़ा घोटाला है। इसमें शामिल सफेदपोशों और दोषी पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए।
प्रेस वार्ता के दौरान नासिक नादिर ने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों ने इस जमीन की अवैध खरीद-बिक्री की है, उनके आय के स्रोतों और संपत्तियों की जांच की जाए। साथ ही, नियम विरुद्ध दाखिल-खारिज करने वाले अधिकारियों पर भी सख्त कार्रवाई हो, ताकि सरकारी और औद्योगिक संपत्तियों को भू-माफियाओं के चंगुल से बचाया जा सके।
