सारस न्यूज़, अररिया।
फारबिसगंज में सीमांचल अधिकार मंच द्वारा पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्ललाहो अलैहे वसल्लम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले के विरोध में शनिवार को करबला ईदगाह मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस सभा की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष शाहजहां शाद ने की, जबकि संचालन मौलाना आस मोहम्मद और मौलाना अब्दुर्रहमान कासमी ने संयुक्त रूप से किया। जनसभा में उमड़े जनसमूह ने हाथों में तख्तियां और तिरंगे झंडे लेकर सरकार से गुस्ताख-ए-रसूल के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता मुफ्ती अंसार कासमी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “अल्लाह ने पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्ललाहो अलैहे वसल्लम को पूरी दुनिया के लिए रहमत बनाकर भेजा। उन्होंने अमन, शांति और भाईचारे का संदेश दिया। सरकार को गुस्ताख-ए-रसूल के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।” जामिअत उलेमा-ए-हिन्द के मुफ्ती अतहर कासमी ने भी इसी बात पर जोर देते हुए कहा कि यह शांतिपूर्ण जनसभा सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का एक माध्यम है, और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

स्कॉलर आशीष रंजन और भाकपा नेता गेनालाल महतो ने कहा कि मुसलमानों ने हमेशा मोहब्बत का पैगाम दिया है और अब उनके नबी की शान में जो गुस्ताखी की जा रही है, उस पर सरकार को गंभीर धाराओं के तहत सख्त कदम उठाने चाहिए।
इस जनसभा में मौलाना शाहिद आदिल कासमी, पूर्व विधायक जाकिर हुसैन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनवर हुसैन खान, मौलाना फिरोज नोमानी, मुफ्ती जावेद, हाफिज गयासुद्दीन, और अन्य गणमान्य लोग भी शामिल थे। सभा का समापन दुआ के साथ किया गया और अंत में सीमांचल अधिकार मंच के अध्यक्ष के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीओ को सौंपा।
विधि और सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी निगरानी
सभा के दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मंगलेश कुमार सिंह और अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) शैलजा पांडेय ने विधि और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की। बीडीओ संजय कुमार, सीओ चंद्रशेखर कुमार यादव, नप ईओ सूर्यानंद सिंह, और अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी सभा की सुरक्षा सुनिश्चित की। जदयू प्रदेश सचिव रमेश सिंह और अन्य समाजसेवी भी प्रशासनिक सहयोग में सक्रिय रहे।
