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गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव की दिशा में महत्वपूर्ण पहल: सीएचसी पोठिया में गार्डासिल वैक्सीन प्रशिक्षण आयोजित।

स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई एचपीवी संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम से जुड़ी विस्तृत जानकारी
– प्रशिक्षित कर्मी अब क्षेत्र में किशोरियों एवं महिलाओं को टीकाकरण के प्रति करेंगे जागरूक

राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।

महिलाओं में होने वाले कैंसर के प्रमुख कारणों में शामिल गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर की रोकथाम के लिए टीकाकरण को प्रभावी माध्यम माना जाता है। इसी उद्देश्य से जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि स्वास्थ्यकर्मी समुदाय स्तर पर सही जानकारी पहुंचा सकें। इसी कड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोठिया में गार्डासिल (एचपीवी) वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन के महत्व, इसके सुरक्षित उपयोग तथा लक्षित आयु वर्ग में इसके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। प्रशिक्षण सत्र का संचालन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शाहिद रज़ा अंसारी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्यकर्मी, आशा कर्मी एवं संबंधित कर्मियों ने भाग लिया।

स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई वैज्ञानिक जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि गार्डासिल वैक्सीन मानव पैपिलोमा वायरस (HPV) से होने वाले संक्रमण से बचाव में अत्यंत प्रभावी है। यह संक्रमण आगे चलकर गर्भाशय ग्रीवा कैंसर का कारण बन सकता है। इसलिए किशोरियों एवं महिलाओं को समय पर टीकाकरण के माध्यम से इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है।

सीएचसी पोठिया के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शाहिद रज़ा अंसारी ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों को इस प्रशिक्षण के माध्यम से वैक्सीन के वैज्ञानिक पहलुओं, इसके डोज़ शेड्यूल तथा टीकाकरण के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अब अपने-अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूक करेंगे और टीकाकरण के महत्व को समझाएंगे।

जागरूकता और टीकाकरण से रोका जा सकता है सर्वाइकल कैंसर

जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसे समय पर जागरूकता और टीकाकरण के माध्यम से काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि गार्डासिल वैक्सीन एचपीवी संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करती है और किशोरियों को कम उम्र में यह टीका लगाने से भविष्य में कैंसर के खतरे को काफी कम किया जा सकता है।

उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे समुदाय में जाकर लोगों को इस टीके के प्रति सही जानकारी दें, ताकि भ्रांतियों को दूर किया जा सके और अधिक से अधिक लोग इस जीवनरक्षक टीकाकरण का लाभ उठा सकें।

महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम

सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसर का एक प्रमुख कारण है, लेकिन समय पर जांच, जागरूकता और टीकाकरण के माध्यम से इससे बचाव संभव है।

उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता को मजबूत करते हैं और उन्हें समुदाय में प्रभावी ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए सक्षम बनाते हैं। सिविल सर्जन ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी क्षेत्र में जागरूकता फैलाकर अधिक से अधिक महिलाओं और किशोरियों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगे, जिससे जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण को और मजबूती मिलेगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मी उपस्थित रहे और सभी ने गार्डासिल वैक्सीन से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझते हुए भविष्य में इसके प्रभावी क्रियान्वयन का संकल्प लिया।

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