सारस न्यूज़, वेब डेस्क।
मुंबई से सामने आए फूड प्वाइजनिंग के मामलों के बाद अब तरबूज जैसे गर्मियों के लोकप्रिय फलों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि बाजार में कुछ विक्रेता फलों को जल्दी पकाने या ज्यादा आकर्षक दिखाने के लिए केमिकल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, कई बार तरबूज को कृत्रिम रूप से लाल और मीठा दिखाने के लिए उसमें इंजेक्शन के जरिए रंग या अन्य रसायन मिलाए जाते हैं। ऐसे फल देखने में तो ताजे और आकर्षक लगते हैं, लेकिन इनके सेवन से फूड प्वाइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
विशेषज्ञों ने आम लोगों को सलाह दी है कि तरबूज खरीदते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। जैसे—फल का रंग बहुत ज्यादा चमकदार या असामान्य रूप से लाल न हो, कटने पर उसका गूदा एकसमान दिखे और स्वाद प्राकृतिक लगे। अगर तरबूज में अजीब गंध या असामान्य पैटर्न नजर आए, तो उसे खरीदने से बचें।
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखने के लिए लोग बड़ी मात्रा में तरबूज का सेवन करते हैं, ऐसे में मिलावटी फल का खतरा और भी बढ़ जाता है। इसलिए खरीदते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
प्रशासन से भी मांग की जा रही है कि बाजारों में बिक रहे फलों की नियमित जांच की जाए, ताकि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ न हो सके। वहीं उपभोक्ताओं से अपील है कि वे सतर्क रहें और केवल भरोसेमंद दुकानों से ही फल खरीदें।
