राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
किशनगंज जिले में मौसम के बदलते मिजाज ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव—कभी तेज धूप तो कभी अचानक ठंड—के कारण लोग तेजी से मौसमी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसका सीधा असर किशनगंज सदर अस्पताल में देखने को मिल रहा है, जहाँ ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं।
सदर अस्पताल में पहुँचने वाले मरीजों में सबसे अधिक संख्या बच्चों और बुजुर्गों की है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग सर्दी, खांसी, तेज बुखार और जुकाम की शिकायत लेकर पहुँच रहे हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अखिल सरवर ने कहा कि वर्तमान में मौसम काफी अस्थिर है। दिन में गर्मी और शाम होते ही ठंड का अहसास शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल रहा है। अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीज वायरल फीवर और बदन दर्द से ग्रसित हैं। हम सभी का उचित इलाज कर रहे हैं, लेकिन इस समय परहेज सबसे ज्यादा जरूरी है। ठंडा पानी पीने से बचें और बासी भोजन का सेवन न करें।
चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. अवनी राज ने कहा कि बदलते मौसम का सबसे बुरा असर बच्चों पर पड़ता है। बच्चों में निमोनिया, सर्दी-खांसी और सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं। अभिभावकों को सलाह है कि वे बच्चों को पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं और उन्हें अचानक ठंडी हवा के संपर्क में न लाएं। यदि बच्चे को तेज बुखार या लगातार खांसी हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, खुद से दवा न दें। पीने के लिए गुनगुने या उबले हुए पानी का प्रयोग करें। ताजे फल और पौष्टिक आहार लें ताकि इम्यूनिटी बनी रहे। पसीने में अचानक पंखे या कूलर के सामने न बैठें। हाथों को बार-बार धोएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।
