राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज से अपने तीन दिवसीय बिहार दौरे की शुरुआत कर रहे हैं। इस दौरे का मुख्य केंद्र सीमांचल क्षेत्र की सुरक्षा और सीमावर्ती जिलों का विकास है। आज शाम वह किशनगंज पहुंचेंगे, जहां देश की आंतरिक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सीमा प्रबंधन को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक करेंगे।
आज की बैठक की मुख्य बातें:
स्थान: किशनगंज जिला परिषद का मेची सभागार।
बैठक का एजेंडा: भारत-नेपाल और भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था, अवैध घुसपैठ की रोकथाम तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास की समीक्षा।
सहभागी: बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, आईबी (IB) के निदेशक, एसएसबी (SSB) और बीएसएफ (BSF) के आला अधिकारियों के साथ-साथ सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) शामिल होंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गृह मंत्री के आगमन को देखते हुए किशनगंज को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।
हाई-लेवल सिक्योरिटी: जिला परिषद सभागार और आसपास के इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
निगरानी: शहर के प्रवेश द्वारों और संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही है।
ट्रैफिक डायवर्जन: सुरक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए शहर के कई मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया है।
गृह मंत्री का यह दौरा रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किशनगंज और आसपास के जिले नेपाल और बांग्लादेश की सीमा के बेहद करीब हैं, जिसे तकनीकी भाषा में ‘चिकन नेक’ (Chicken’s Neck) कॉरिडोर कहा जाता है। इस बैठक में सीमा सुरक्षा के साथ-साथ ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी।
