राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
संविधान निर्माता B. R. Ambedkar की जयंती के अवसर पर नगर पंचायत स्थित DDC मार्केट परिसर में अंबेडकर विचार मंच के बैनर तले भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सियासी एवं गैर-सियासी रहनुमाओं, समाजसेवियों तथा स्थानीय नागरिकों ने एकत्र होकर बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकता के संदेश से ओतप्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने भारतीय संविधान की रचना कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया और समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किया।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकता है।
वकील संघ अध्यक्ष शिशिर कुमार दास ने कहा कि शिक्षा के बिना व्यक्ति का कोई सच्चा मित्र नहीं होता और न ही वह एक बेहतर अभिभावक बन सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने की अपील की।
अधिवक्ता सह समाजसेवी कौशल किशोर यादव ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज के दबे-कुचले वर्गों को आवाज दी और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि उनके विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है।
बिजली प्रसाद सिंह ने बाबा साहेब के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष करते रहना ही उनकी सबसे बड़ी सीख है। वहीं अमरजीत चौधरी ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं और उन्हें जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है।
अतुल सिंह ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे, और हमें उन्हें अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलने तथा शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
