दीप प्रज्वलन व रिबन कटिंग के साथ ICDS बहादुरगंज में कार्यक्रम का आगाज
गोदभराई, अन्नप्राशन व विद्यारंभ जैसे आयोजनों से पोषण को जीवनचक्र से जोड़ा गया
राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
किसी भी समाज के समग्र विकास की नींव उसके बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, और इस स्वास्थ्य का सबसे महत्वपूर्ण आधार है—पोषण। कुपोषण न केवल बच्चों की शारीरिक वृद्धि को बाधित करता है, बल्कि उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास को भी प्रभावित करता है, जिससे भविष्य में उनकी सीखने की क्षमता और उत्पादकता पर असर पड़ता है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार द्वारा संचालित पोषण अभियान को जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “पोषण पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार, कुपोषण की रोकथाम तथा समाज में व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत ICDS बहादुरगंज परियोजना, जिला किशनगंज में कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, किशनगंज एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, बहादुरगंज द्वारा रिबन कटिंग एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समुदाय, विशेषकर महिलाओं और अभिभावकों को संतुलित आहार, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि पोषण पखवाड़ा का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब परिवार स्तर पर सही खानपान और देखभाल की आदतें विकसित होंगी, तभी कुपोषण जैसी समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकेगा।
उन्होंने ICDS कर्मियों और सेविकाओं से अपील की कि हर आंगनबाड़ी केंद्र को जागरूकता का केंद्र बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक लाभार्थी तक पोषण संबंधी सही जानकारी पहुंचे।
जीवनचक्र आधारित गतिविधियां: हर चरण में पोषण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान गोदभराई, अन्नप्राशन एवं विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों का संचालन किया गया। गोदभराई के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और पोषण के प्रति जागरूक किया गया, अन्नप्राशन के जरिए शिशुओं में समय पर पूरक आहार की शुरुआत का संदेश दिया गया, तथा विद्यारंभ के माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ाव को प्रोत्साहित किया गया।
इन गतिविधियों ने पोषण को जीवन के विभिन्न चरणों से जोड़ते हुए एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
जिला पदाधिकारी का संदेश और जनअपील
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि पोषण अभियान एक बहुआयामी पहल है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता—तीनों का समन्वय आवश्यक है। यह तभी सफल होगा जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि माताएं और अभिभावक बच्चों के पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता दें तथा आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़कर इस अभियान को सफल बनाएं।
सामुदायिक सहभागिता: जमीनी स्तर पर दिख रहा उत्साह
इस कार्यक्रम में सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं ICDS कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि पोषण अभियान को सफल बनाने में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल रहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पोषण से जुड़े मुद्दों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ रही है।
बहादुरगंज में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि जब सरकारी पहल, सामुदायिक सहभागिता और व्यवहारिक गतिविधियां एक साथ आती हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक होता है।
सही पोषण केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि एक सशक्त और विकसित समाज की आधारशिला है।
दीप प्रज्वलन व रिबन कटिंग के साथ ICDS बहादुरगंज में कार्यक्रम का आगाज
गोदभराई, अन्नप्राशन व विद्यारंभ जैसे आयोजनों से पोषण को जीवनचक्र से जोड़ा गया
राहुल कुमार, सारस न्यूज़, किशनगंज।
किसी भी समाज के समग्र विकास की नींव उसके बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, और इस स्वास्थ्य का सबसे महत्वपूर्ण आधार है—पोषण। कुपोषण न केवल बच्चों की शारीरिक वृद्धि को बाधित करता है, बल्कि उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास को भी प्रभावित करता है, जिससे भविष्य में उनकी सीखने की क्षमता और उत्पादकता पर असर पड़ता है।
इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार द्वारा संचालित पोषण अभियान को जनआंदोलन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक “पोषण पखवाड़ा” का आयोजन किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार, कुपोषण की रोकथाम तथा समाज में व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।
पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत ICDS बहादुरगंज परियोजना, जिला किशनगंज में कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, किशनगंज एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, बहादुरगंज द्वारा रिबन कटिंग एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित समुदाय, विशेषकर महिलाओं और अभिभावकों को संतुलित आहार, स्वच्छता, नियमित स्वास्थ्य जांच और पोषण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
व्यवहार परिवर्तन पर विशेष जोर
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने कहा कि पोषण पखवाड़ा का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों के दैनिक जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। जब परिवार स्तर पर सही खानपान और देखभाल की आदतें विकसित होंगी, तभी कुपोषण जैसी समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सकेगा।
उन्होंने ICDS कर्मियों और सेविकाओं से अपील की कि हर आंगनबाड़ी केंद्र को जागरूकता का केंद्र बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक लाभार्थी तक पोषण संबंधी सही जानकारी पहुंचे।
जीवनचक्र आधारित गतिविधियां: हर चरण में पोषण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान गोदभराई, अन्नप्राशन एवं विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों का संचालन किया गया। गोदभराई के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व और पोषण के प्रति जागरूक किया गया, अन्नप्राशन के जरिए शिशुओं में समय पर पूरक आहार की शुरुआत का संदेश दिया गया, तथा विद्यारंभ के माध्यम से बच्चों के प्रारंभिक शिक्षा से जुड़ाव को प्रोत्साहित किया गया।
इन गतिविधियों ने पोषण को जीवन के विभिन्न चरणों से जोड़ते हुए एक समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
जिला पदाधिकारी का संदेश और जनअपील
जिला पदाधिकारी विशाल राज ने कहा कि पोषण अभियान एक बहुआयामी पहल है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता—तीनों का समन्वय आवश्यक है। यह तभी सफल होगा जब समाज का हर वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी निभाए।
उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि माताएं और अभिभावक बच्चों के पोषण, टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता दें तथा आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़कर इस अभियान को सफल बनाएं।
सामुदायिक सहभागिता: जमीनी स्तर पर दिख रहा उत्साह
इस कार्यक्रम में सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं ICDS कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। उनकी उपस्थिति ने यह दर्शाया कि पोषण अभियान को सफल बनाने में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल रहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि पोषण से जुड़े मुद्दों के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ रही है।
बहादुरगंज में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि जब सरकारी पहल, सामुदायिक सहभागिता और व्यवहारिक गतिविधियां एक साथ आती हैं, तो उसका प्रभाव व्यापक होता है।
सही पोषण केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि एक सशक्त और विकसित समाज की आधारशिला है।