सारस न्यूज़, किशनगंज।
नारी सशक्तिकरण और बाल साहित्य पर अपनी लेखनी से अलग पहचान बनाने वाली प्रधान शिक्षिका निधि चौधरी को साहित्यिक योगदान के लिए #कोसी_गौरव_सम्मान से सम्मानित किया गया है। उनके इस सम्मान से क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
निधि चौधरी देश के कई राज्यों के साथ-साथ नेपाल और बांग्लादेश में भी काव्य पाठ कर चुकी हैं। उनकी रचनाओं में समाज, महिला सशक्तिकरण और बच्चों से जुड़े विषय प्रमुख रूप से देखने को मिलते हैं, जिन्हें श्रोताओं और पाठकों द्वारा खूब सराहा जाता है।
कम उम्र से ही साहित्य के प्रति उनकी रुचि रही है। महज 13 वर्ष की आयु में उनकी एक कविता से प्रभावित होकर तत्कालीन राष्ट्रपति स्व. डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने उन्हें बधाई पत्र भेजा था, जिसने उनके साहित्यिक सफर को नई प्रेरणा दी।
लेखन के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। अब तक वे उपन्यास, बाल कथाओं के संग्रह और साझा संकलनों सहित लगभग दस पुस्तकों की रचना कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी कविताएं बड़ी संख्या में पाठकों द्वारा पढ़ी और सराही जाती हैं।
शिक्षा और साहित्य दोनों क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें 2024 में राजकीय शिक्षक सम्मान तथा 2025 में राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इसके अलावा उनके शैक्षणिक और साहित्यिक कार्यों को देखते हुए उनका नाम India Book of Records में भी दर्ज किया गया है, जो उनकी उपलब्धियों को और अधिक गौरवपूर्ण बनाता है।
